महिषासुर मर्दिनि स्‍तुति 1

वंदन गीत 1 – जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्‍यकपर्दिनि शैलसुते

अयि गिरि नंदिनि नंदितमेदिनि विश्‍वविनोदिनि नंदनुते
गिरिवर विंध्‍य शिरोधिनिवासिनि विष्‍णुविलासिनि जिष्‍णुनुते ।

भगवति हे शितिकण्‍ठकुटुंबिनि भूरि कुटुंबिनि भूरि कृते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्‍यकपर्दिनि शैलसुते ।।

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